देश मे केवल SC/ST वर्ग को जो आरक्षण मिला हुआ है , इसमें कृमि लेयर का कोई प्रावधान नही है . यानी बाप अगर आरक्षण का लाभ लेकर आईएएस बना है , तो बेटे को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा .
ओबीसी आरक्षण में ऐसा नही है , इसमें कृमि लेयर का प्रावधान है . यानी पिता को आरक्षण का लाभ मिला है और उनकी इनकम सालाना आठ लाख ₹ से अधिक है , तो उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नही मिलेगा . ओबीसी आरक्षण में मुसलमानों को भी आरक्षण मिला हुआ है , जिसके तहत 80 % से अधिक मुसलमान आरक्षण का लाभ ले रहे हैं . मुसलमानों की कुछ जातिया जिन्हें सामान्य वर्ग में गिना जाता है , जैसे पठान , शेख व सैय्यद इन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ नही मिलता है .
अब आते हैं सामान्य वर्ग के लिए बचा 50 % अनारक्षित कोटे के ऊपर . पहली बात तो दिमाग से यह बात निकाल देना चाहिए कि यह 50 % केवल सामान्य वर्ग के लिए है . क्योंकि यह सबके लिए हैं . इसमें दलीत , ST , ओबीसी , ओबीसी ईसाई , मुस्लिम , सामान्य वर्ग के हिन्दू , ईसाई और मुसलमान सभी लड़ते हैं , और जो मेरिट लाता है , उसे ही चुना जाता है . यह ओपन कैटोगरी है .
अब जो सामान्य वर्ग के लोग यह हल्ला कर रहे हैं कि नरेंद्र मोदी ने हमारा 10 % कोटा काट दिया , कुछ अति ज्ञानी कह रहे हैं कि इसमें मुस्लिम और ईसाई को क्यों डाल दिया गया ?
पहले यह बात दिमाग से निकाल दीजिये कि आपका कोई कोटा नही है . जो 50 % अनारक्षित कोटा है , वह सबके लिए है. जो मेरिट लाएगा उसे ही चुना जाएगा . अब जो 10 % उस 50 % मे से अलग किया गया है , उसमे सिर्फ गरीब सामान्य वर्ग से , हिन्दू , मुस्लिम , ईसाई ही रह जाएंगे , यहाँ गरीब सामान्य वर्ग को प्रोटेक्ट किया है . उन्हें एक पहचान दी गयी है कि आप अनाथ नही हो , आपके लिए भी 10 % का आरक्षण है , जो पहले नही था . इसमें दिक्कत क्या है ? इसमें आपको कहाँ बुराई नज़र आ रही है ? कम से कम इस विषय पर सार्थक बहस की पहल तो कीजिये . संसद में बहस तो शुरू होने दीजिए ...अपने सुझाव तो तैयार रखिये . कल पहली बार इस विषय मे देश के संसद में बहस शुरू होगी , देखिए तो कितने प्रकार के गिरगिट वहां अपना मुंडी हिलाते हुए देखे जाएंगे . मैं तो इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के साथ मज़बूती से खड़ा रहूँगा .
............
Comments
Post a Comment