द क्विंट का संस्थापक राघव बहल है ....वही राघव बहल जो कभी TV18 का मालिक हुआ करता था लेकिन उसके पूरे ग्रुप को मुकेश अंबानी ने खरीद लिया
यह दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ा है छात्र जीवन में यह एसएफआई का सदस्य था लेकिन पढ़ने में यह ब्रिलियंट था इसने दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीस MBA किया फिर कुछ समय लंडन में नौकरी करने के बाद यह भारत लौट आया उस समय दूरदर्शन के महानिदेशक भास्कर घोष थे वहीं भास्कर घोष जो सागरिका घोष के पिताजी हैं उनके सिफारिश पर इसे दूरदर्शन में अच्छी खासी जॉब मिल गई और यह और प्रणव राय और भास्कर घोष इन तीनों की तिकड़ी ने मिलकर दूरदर्शन को जमकर चूना लगाया उस समय देश में ना प्राइवेट मीडिया थी नहीं आरटीआई जैसा कानून था
दूरदर्शन के नाम पर करोड़ों अरबों रुपए के साजो सामान खरीदे जाते थे जो सीधे प्रणव राय और और राघव बहल के ठिकानों पर पहुंचा दिए जाते थे बाद में यह मामला संसद में भी उठा लेकिन जांच को ही दबा दिया गया .. लेकिन भास्कर घोष को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया तब तक प्रणव राय और राघव बहल दूरदर्शन के पैसों से अपना खुद का चैनल खोल चुके थे
अब जब उसने द क्विंट नामक पोर्टल खोला है तो देश के जाने-माने छटेले और देशद्रोही लोग इसके साथ जुड़े जुड़ते गए जिसमें बरखा दत्त संजय पुगलिया सिद्धार्थ वरदराजन जैसे तमाम वामपंथी लोग हैं यह लोग मोदी विरोध के नाम पर देश विरोध करने से भी नहीं चूकते हैं
अब देखिए मोदी विरोध के नाम पर द क्विंट ने कुलभूषण जाधव के फांसी को और आसान बना दिया इसने जो लेख छपा है कुलभूषण जाधव सच में भारत का जासूस था और भारत ने ही उसे भेजा था यह बात पाकिस्तान के दावे को और मजबूत करेगी और भारत इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में यह केस हार सकता है लेकिन इन लोगों को सिर्फ मोदी विरोध चाहिए किसी की जान जाए तो जाती रहे
और हां द क्विंट और द वायर जैसे दो पोर्टलों के सहारे ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की रोजी रोटी चलती है
Comments
Post a Comment