आज ठगबन्धियों की एक सत्य घटना बताता हूं .....

आज ठगबन्धियों की एक सत्य घटना बताता हूं .....
लालू  के राज में बिहार में 1982 बैच के एक सीनियर IAS हुआ करते थे। दलित समाज से थे। नाम था बी.बी. विश्वास। राज्यपाल के श्रम विभाग में सामाजिक सुरक्षा के निदेशक के रूप में कार्यरत थे। इनकी पत्नी का नाम था चम्पा विश्वास।
उस समय लालू जी की पार्टी की विधायक हेमलता यादव के बेटे बबलू उर्फ मृत्युंजय यादव की नजर चम्पा विश्वास पर पड़ीं। फिर क्या.. सीनियर IAS की बीवी का बलात्कार हो गया। मृत्युंजय यादव और उसके कई दोस्त दो साल तक लागातार चंपा विश्वास के साथ सामूहिक बलात्कार करते रहे।
बी.बी. विश्वास और उनकी पत्नी थाना गये। केस दर्ज नहीं हुआ। लालू के पास गये, लालू बोले कि जो हुआ भूल जाओ। केस करके कुछ नहीं मिलेगा। कार्रवाई कैसे होती, आरोपी लालू की बिरादरी का जो था, और उनकी बायोग्राफी वाली एक किताब भी लिखा था। लगातार चम्पा विश्वास का सामूहिक बलात्कार होता रहा। एक बार तो गर्भपात भी कराना पड़ गया था। गैंगरेप से फिर से गर्भवती ना हो, इसके लिए चम्पा विश्वास ने नसबंदी का रास्ता चुना।
बेबस सीनियर IAS और उनकी पीड़ित पत्नी ने राज्य के राज्यपाल सुंदर सिंह भंडारी को एक पत्र के माध्यम से सबकुछ बताया। तब विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने इस मामले को मीडिया में उठाया। तब जाके कार्रवाई हुई। इंडिया टुडे में इस खबर के छपने से देश में हड़कंप मच गया था। वीवी विश्वास ने कहा था कि मृत्युंजय न सिर्फ उनकी पत्नी के साथ बलात्कार किया, बल्कि उनकी सास, साली, दो नौकरानी, और भतीजी कल्याणी का भी बलात्कार किया।
लालू यादव सामाजिक न्याय के नाम पर ऐसी सरकार चलाने लगे थे। अपहरण बिहार का सबसे बड़ा कारोबार था। एक सवाल है कि अगर वो IAS यादव जाति के होते, तो क्या लालू के विधायक का लौंडा बेखौफ होके उनकी बीवी का बलात्कार करता.?
मुजफ्फरपुर की घटना निंदनीय है, पर चम्पा विश्वास का क्या, इस घटना के बाद उनके पति का वेतन रोक दिया गया। सड़क पर आ गये थे पति पत्नी। इलाज का पैसा नहीं था, बेमौत मर गये।
यह मामला 1998 का है उस समय यह घटना सुर्खियों में आई थी।

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