ग़ुलामी में सबसे पहले और सबसे ज़्यादा ज़ुल्म उनपर होते है - जो पूर्ण जागरूक - बुद्धिमान - ईमानदार - निडर -कर्मठ और देशप्रेमी होते है -देशप्रेमी -)
उनहे दिमाग और शरीर से तोड़ने के लिये - ये टूट गये तो बाक़ी भेड़ है - भेड़ -)
पूरा अंग्रेज़ी साम्राज्य लंदन से काला पानी तक राक्षस जेलर भी तोड़ नही पाया वीर सांवरकर जी के इरादों को - हौसलों को - दिमाग को - जिन नाखूनों से पूरा दिन नारियलों को छिलते थे - उन्हीं ख़ून रिसते नाखूनों से रात को लिखते थे जेल की दिवारो पर बिना हारे टूटे -
अपने ‘मन की बात ‘ हम तक पहुँचाने के लिये - पहुँच गयी उनकी आवाज़ हम तक - और हमारी भी उन तक - अब -)
ये जो कुछ जयचंद है ना ऐक हफ़्ते मे अंग्रेज़ जेलर के पैरों मे लेट जाते - और छोड़ते नही पैर - ये जयचंद नोटा वाले -)
लककडभगगे ४.५ के भूखे है - भूखे - करो या मरो की स्थिति है -)
ऐसी परिस्थिति मे वे भगाने से भागेंगे नही - जान दाव पर लगा कर भी लूटेंगे - नंगे और भूखे तो हो ही चुके है -)
मरेंगे या मारेंगे - महाभारत होगा -))
तैयार रहो - महाभारत २०१९ के लिये - क्रूर होने का - क्रूर बनने का वक़्त है ना कि मना करने का या सिरफ पंजा मार कर भगाने का -
सामने कौन है ये मत देखो उसके गुनाह और हरकत देखो बस - साम दाम दंड भाव युक्ति और छल सब इस्तेमाल करो - सब -)
जो जीता वो ही सिकंदर -))
देख रहे हो ना क्या हो रहा है चारों तरफ़ रोज - और कयो ?
It’s time to foot down - now -))
या तो अपने देश भागो या जेल मे रहो जीवन भर -))
सबका साथ - सबका विकास
जय किसान - जय भारत
😇🙏
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