कब दर्शन देंगे "राम" परम हितकारी,
रस्ता देखत सबरी की उमर गई सारी।
'सबरी'
रामायण का महज एक किरदार नहीं अपितु मानव के धैर्य और विश्वास की एक ऐसी अनूठी मिशाल हैं जो हमें सिखाती हैं की मनुष्य को उसका धैर्य और विश्वास कभी नहीं छोड़ना चाहिये।महऋषि मतंग जिन्होंने अपने तप और भक्ति से देवताओ के समान पद प्राप्त किया उन्ही की एक सेविका को उनका आश्वाशन था की एक दिन भगवान् श्रीराम उन्हें दर्शन देकर परम लोक में स्थान देंगे।
वही सबरी प्रतिदिन श्रीराम के लिये जंगल से फल लाती रोज उनके मार्ग में फूल बिछाती,ऐसा उसने अशंख्य वर्षो तक किया वन में रहने वाले लोग ऋषि,साधू सब उसे पागल समझते उसका उपहास उड़ाते परन्तू वो उन सब से बेखबर अपने विश्वास पर अटल रह श्रीराम के दर्शन की आस नहीं छोड़ती।और एक दिन उसे उसका यही दृढ़ संकल्प भगवान श्रीराम के दर्शन करवाता हैं और बैकुंठ धाम में वास भी।
आज राजनीति अपने न्यूनतम स्तर पे हैं नीच और घटिया लोग जात-पात,ऊँच-नीच और धर्म जैसे मुद्दों का भ्रमजाल फ़ैलाकर मोदी जी से लोगो का विश्वास हटाना चाहते हैं,परन्तू मेरा दावा हैं वो हमारे सब्र को तोड़ नहीं पाएंगे।
हमने अब से पहले किसी भी राजनेता के लिये इस तरह का जूनून नहीं देखा वो देश की दशा और दिशा दोनों बदल देंगे ऐसा मेरा विश्वास हैं,क्योकि वो जो कर रहे है या उन्होंने जो किया वो करने की आजतक किसी ने हिम्मत नहीं की इसलिये हम अपने सब्र को टूटने नहीं देंगे और उनके साथ शक्ति के साथ खड़े रहेंगे।
हो सकता इसके लिये हमें निज हितों की अनदेखी करनी पड़े परन्तू देश के लिये सब कुर्बान।
जय श्री राम
जय भारत
जय नरेंद्र
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