मैं BJP के साथ था, हूँ और रहुंगा। लेकीन ये 2019 का Test result है।

मैं BJP के साथ था, हूँ और रहुंगा।
लेकीन ये 2019 का Test result है।

जनता ने बहुत समझदारी से भाजपा को सबक दिया है कि ‘इंडिया साइनिंग’ में मत रहिए, अपने मुद्दे पर लौटिए!

राजस्थान और मध्य प्रदेश  देखिए कि जनता ने उतनी बुरी तरह से भाजपा को नहीं छकाया है। साफ संदेश है कि मूल मुद्दे पर लौटो तो वापसी करोगे, अन्यथा इससे नीचे जाओगे! छत्तीसगढ़ में लोग रमण सिंह से नाराज थे, यह साफ था।

आप राहुल गांधी को देख लो। उसने भी इस चुनाव में मंदिर परिक्रमा खूब किया है, और परिणाम उनके अनुकूल रहा है।
मेरे लिए खुशी की बात यह है कि इस चुनाव ने हिंदुत्व को केंद्र में ला दिया है, और यह अच्छा है। यदि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा राम मंदिर, अनुच्छेद-३७०, समान नागरिक संहिता, जनसंख्या नियंत्रण आदि पर नहीं लौटी तो २०१९ में उनको पूर्ण बहुमत मिलना मुश्किल है।

मप्र और राजस्थान में SC/ST एक्ट ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया है। यह भी साबित करता है कि भाजपा अपने मूल सवर्ण मध्यमवर्गीय वोटर का विश्वास खोती जा रही है। याद रखिए, सवर्ण कांग्रेस से छिटके, कांग्रेस बर्बाद हो गयी। राम मंदिर, हिंदुत्व, कश्मीर, समान नागरिक संहिता, जनसंख्या नियंत्रण, कर प्रणाली आदि के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील मध्यमवर्गीय सवर्ण हिंदू ही है।

भाजपा २०१९ में बड़े अंतर से वापसी कर सकती है, बस अपनी जड़ को समझ ले। जड़ खोद कर फल का स्वाद नहीं चखा जा सकता, नींब के बिना कंगुरा खड़ा नहीं हो सकता।
प्रधानमंत्री मोदी जी व अमित शाह जी, ठीक से देखिए, जनता ने आपको हराया है, लेकिन बुरी तरह नहीं। वह आपको संकेत दे रही है। संकेत समझिए, अन्यथा २००४ जैसे अप्रत्याशित परिणाम के लिए २०१९ में तैयार रहिए।

विकास वाजपेयी जी ने कम नहीं किया था, लेकिन मूल मुद्दे को भूलने का परिणाम उन्हें भुगतना पड़ा।

आप दोनों समझदार हैं, जनता के निर्णय में छिपे संदेश को समझ लीजिए!

याद रखिए, भाजपा कांग्रेस से अलग केवल हिंदुत्व के मुद्दे पर है, और इसे भूल कर आपका जीत नहीं सकते।

२०१४ में ‘हिंदू आतंकवाद’ ‘राम काल्पनिक हैं’ और रामसेतु तोड़ने, सांप्रदायिकता हिंसा बिल लाने के कारण कांग्रेस की दुर्गति और भाजपा की पूर्ण बहुमत से वापसी हुई थी!

इसे समझ लेंगे तो २०१९ में ३०० सीट का आंकड़ा पार कर लेंगे, अन्यथा विकास आपको २००-२१५ तक पैक कर देगा! आपके विकास को कांग्रेस भोगेगी। अब निर्णय आप पर है।

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