कांग्रेस को अब काँग्रेसी ही नष्ट करेंगे

कांग्रेसियों का स्वभिमान जागृत हो जाने में ही कांग्रेस का विनाश निहित है: संदर्भ-सीपी जोशी और अशोक गहलोत की स्वाभिमान जागृति।

सीपी जोशी के बयान से आज स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस को अब काँग्रेसी ही नष्ट करेंगे। लगता है कांग्रेस के दिग्गज नेता अब राहुल गाँधी के व्यवहार से और अकल से तंग आ गए हैं। चूंकि काँग्रेसियों को हमेशा पोलिटिकली करेक्ट रहने की पुरानी आदत है तो वो कांग्रेस को ऐसी हानि नहीं देंगे जिसमें वो प्रत्यक्ष दोषी सिद्ध हो जाएँ। ऐसी ही बयानबाजी से वो कांग्रेस की मिट्टी पिट देँगे जिसमें साँप भी मर जाए और डंडा भी न टुटे। यह केवल सीपी जोशी कर रहे हों ऐसा नहीं है। यही काम गहलोत जी भी कर रहे हैं। आपको संभवतः स्मरण हो जब अशोक गहलोत ने सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि कांग्रेस को जाटों का वोट नहीं चाहिए। यह कांग्रेस के भले के लिए तो नहीं ही कहा जा सकता था। आप अंतर्निहित भाव समझ गए होंगे। अब प्रश्न उठता है कि कांग्रेस के दिग्गज आखिर क्यों ऐसा व्यवहार कर रहे हैं? आईये पड़ताल करते हैं।

गुजरात के विधानसभा चुनावों से पूर्व सीपी जोशी कांग्रेस की ओर से गुजरात के प्रभारी बनाए गए थे। उन्होंने बहुत परिश्रम किया और गुजरात में मृतप्राय हो चुके कांग्रेस को भाजपा को टक्कर देने की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। अपने अनुभव से  पार्टी को मजबूत किया, जीवंत किया। जब चुनाव घोषित हो गए तब अशोक गहलोत गुजरात के चुनाव प्रभारी बनाए गए कांग्रेस की ओर से। अशोक गहलोत ने भी अपना पूरा अनुभव झोंक दिया। और कांग्रेस जो माधव सिंह सोलंकी के बाद से गुजरात में कभी मुकाबले की स्थिति में नहीं आ पाई थी गुजरात में वही कांग्रेस जीत के निकट पहुंच गई थी। भाजपा के गुजरात विजय और कांग्रेस के गुजरात विजय में केवल मोदी का अंतर था।

यद्यपी कांग्रेस के इन दो राजस्थानी नेताओं ने कांग्रेस को गुजरात में जीता देने में कोई कसर नहीं छोड़ा था किंतु जीत के लिए भूखी कांग्रेस का गांधी परिवार को यह हार हजम नहीं हुई। फिर क्या था गाहे बगाहे राहुल सोनियाँ ने अशोक गहलोत और सीपी जोशी को लताड़ना, गरियाना और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करना आरंभ कर दिया। इतनी बेइज्जती की कि इनका स्वभिमान जागृत हो गया। वैसे काँग्रेसियों का स्वाभिमान कांग्रेस जॉइन करते ही नेहरू परिवार के पास गिरवी रख दिया जाता है जिसके जागृत हो जाने की संभावना नगण्य होती है। किंतु ईन दोनो महान नेताओं का स्वभिमान जागृत हो गया आखिर।

जैसे मुसलमानों का विवेक जागृत हो जाने से इस्लाम का विनाश निश्चित है। जैसे ईसाईयों की धूर्तता समाप्त हो जाना ही ईसाईयत का विनाश निश्चित करता है। जैसे मार्क्सवादियों  में देशभक्ति और आस्तिकता आ जाने से साम्यवाद नष्ट हो जाना निश्चित है। ठीक वैसे ही कांग्रेसियों का स्वभिमान जागृत हो जाने में ही कांग्रेस का विनाश निहित है। अब इन दो बड़े नेताओं का स्वभिमान जागृत हो गया है तो कांग्रेस राजस्थान में जीवित रह पाएगा यह असंभव है। यह राजस्थान में कांग्रेस के विनाश का शुभ लक्षण है। राजस्थान में कांग्रेस का विजय अब असंभव है। जिसको मांग भरवाना आता है उसी को मांग धोना भी आता है। अशोक गहलोत और सीपी जोशी के जागृत स्वाभिमान की जय हो। भाजपा के राजस्थान विजय की अग्रिम शुभकामनाएं।

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