#क्यों_हम_कभी_super_power_नही_बन_सकते _???
मेरी बात सायद आपको अच्छी नही लगेगी लेकिन यह बात सच है कि हम कभी भी super power नही बन सकते...
उसकी वजह एक नही...कई कारण है...
1 - हम अपने बच्चों को जिम्मेदारी उठाना नही सिखाते... और सिखा भी नही सकते क्योंकि हम खुद कोई भी जिम्मेदारी लेना नही चाहते... हम हर चीज में किसी न किसी दूसरे व्यक्ति को दोषी ठहराना ही जानते है...
अच्छे मार्क्स नही आये तो टीचर का दोष...स्कूल का दोष...
नौकरी नही मिली तो सरकार का दोष...
पैसे नही कमा पाए तो परिवार या किस्मत का दोष...
लेकिन... कभी हम अपने गिरहबान में झांककर नही देखते की हमने देश के लिए, समाज के लिए, गांव या मोहल्ले के लिए कुछ अच्छा किया ????
2 - हम सिर्फ अपना फायदा सोचते है...देश जाय भाड़ में...
और अपना फायदा भी हम सिर्फ आज का फायदा सोचते है... हम आज के फायदे के लिए कल का नुकसान सहने को तैयार है... हमे बस आज कुछ न कुछ मुफ्त में मिलना चाहिए चाहे उसके बदले हमारी आने वाली नस्लो को भुगतना पड़े या बड़ा नुकसान झेलना पड़े...लेकिन हमें उससे क्या मतलब ???...हमे तो बस आज कुछ न कुछ मुफ्त में मिलना जरूरी है...
और इसीलिए हम थोड़ीसी लालच में आकर अपना vote किसी ऐसे इंसान को बेच देते है जो आगे जाकर हमारा देश ,हमारे बच्चों का भविष्य बेचने वाला है...हम यह जानते भी है कि वो इंसान देश या समाज के लिए फायदा नही करेगा..नुकसान की करेगा...लेकिन हमें क्या ???
हमे तो सिर्फ अपने फायदे से मतलब है न ...
3 - हम बाते ईमानदारी की करते है लेकिन हमेशा हमारे मुंह से तारीफ उसी बन्दे की निकलती है जो गलत तरीके से पैसे बना रहा होता है...
"अरे यार फलाने का भाई पुलिस में ACP है... हररोज की 1 लाख की कमाई है ...!!!"
" फ़लाने का लड़का पटवारी लग गया है, अब तो उसकी चांदी ही चांदी है... हर दिन आराम से 5-7 हजार बना लेता है"
इससे यह साबित होता है कि कहीं न कहीं हमारे मन मे एक "चोर" छुपा बैठा है जिसको अभी तक बड़ी चोरी करने का मौका नही मिला है... जिस दिन हमे भी विजय माल्या या नीरव मोदी की तरह मौका मिला , या किसी नेता की तरह power मिली तो हम भी सबसे पहले अपनी सात पुश्तों का जुगाड़ करने में लग जाएंगे... ईमानदारी की सभी बातें बस धरी की धरी रह जायेगी...
आप खुद देख लो...
अमरीका के भूतपूर्व राष्ट्रपति ओबामा जी आज एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है...दुनिया का एक समय का सबसे शक्तिशाली इंसान आज किसी के नीचे काम करता है...
लेकिन हमारे देश मे एक बार 5 साल सरपंच रह चुका इंसान भी अपनी 5 पुश्तों का जुगाड़ तो कर ही लेता है...की उसके पूरे परिवार में किसीको नौकरी न करनी पड़े.... अब बताओ कैसे बनेंगे सुपर power ????
4 - हम देश के विकास की बड़ी बड़ी बातें करते है... प्रधान मंत्री की हर एक बात के लिए उन्हें उल्हाना देते है...उनसे उगाही करते है...की...कहाँ है अच्छे दिन ???
कहाँ है 15 लाख रुपये ???
लेकिन ट्रेन में लगे हुए लेट्रिन के मग्गे तक को हम छोड़ते नही...
एक्सप्रेस हाइवे पर से बल्ब, वायर, सोलर पैनल तक हम चुरा लेते है...
परिवार में कोई मर गया तो उसका पंजीकरण नही करवाते और मरे हुए इंसान की पेंशन हम खाते रहते है...
कैसे बनेंगे हम सुपर power ???
5- बच्चा पैदा करने के लिए सरकार पैसा देती है...
उसके पालन के लिए पैसा देती है...
पढ़ाई के लिए भी देती है...
घर मे शौचालय,गेस सिलिंडर, सायकल, सब देती है...
बड़े होने पर शादी के लिए भी पैसा देती है...
बुढ़ापे में पेंशन भी देती है...
सच्चाई यही है कि हम लोग मुफ्तखोर, निकम्मे और लालची लोग है... हमे सब कुछ मुफ्त में चाहिए...
और मुफ्त में सब कुछ मिले उसीको हम " अच्छे दिन" कहते है...
क्या ऐसे बनेंगे super power ????
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