नही जानता, तुम्हारी बातो में तिलिस्म है या जादू ..
फिर भी, तुम्हारी हर बात पर एतबार है मुझे !!
नही जानता, कितनी तपिश है तुम्हारे होंठो में ..
फिर भी, उन्हें छूने की कसक है मुझे !!
नही जानता, तुम्हारी आँखे आईना है या समंदर..
फिर भी, उनमे डूबने की ख्वाहिश है मुझे !!
नही जानता, तुम्हारे साथ से मुझे क्या मिलना और क्या खोना है ..
फिर भी, उस अनुभव को पाने की तड़प है मुझे !!
नही जानता, तुम्हारा बहाव मुझे किस और ले जाएगा ..
फिर भी तुममे पिरोहित हो जाने का शौक है मुझे !!
नही जानता, तुम मेरा साथ दोगी या नही ..
फिर भी तुम्हारे लिए बगावत का हौसला है मुझे !!!!
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