"भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मोरारजी देसाई की ऐतिहासिक भूल"

Operation Kahuta को RAW के द्वारा किया गया यह अब तक सबसे खतरनाक ऑपरेशन मे से एक गिना जाता है
पर दुखद यह की एक भारतीय PM की बेबकूफी से सारा ऑपरेशन चौपट हो गया था . . . 
आज भी पाकिस्तान इस ऑपरेशन को याद कर सिहर उठता है . . 
Kahuta वही जगह है,
जहाँ पाकिस्तान का मुख्य Nuclear
Weapons Laboratory "Khan Research Laboratories" (KRL) है . . . 
जहाँ पाकिस्तान long-range मिसाइल डेवलपमेंट और परमाणु बम बनाने मे लगा था . . . 
वहाँ gas centrifuge enrichment technology से Highly Enriched Uranium तैयार किए जा रहे थे . . 
जो Nuclear Weapons के लिए निहायत जरूरी है 
बात 1978 के शुरुआती महीनों की है जब Kahuta के इस Laboratory तक इंटेलिजेन्स एजेंसी RAW ने अपनी पैठ बना लिया था . . . 
RAW जासूसों ने इस Laboratoryमे काम करने वाले वैज्ञानिकों के (KRL सेंटर के आसपास के नाई के दुकान से ) hair samples इकट्ठा किए . . . 
फिर उनकी जांच की तो Nuclear Weapons रिसर्च की बात पक्की पाई गयी . . 
फिर इस पूरे Laboratory को नेस्तनाबूद करने के
फैसला पर काम शुरू कर दिया गया . . . 
तभी तब के भारत के प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई (जनता पार्टी) ने Pakistan के Nuclear Weapons Laboratory को तबाह करने के Operation Kahuta को बंद करने का फैसला लिया क्योंकि यह बिपक्षी काँग्रेस PM श्रीमती इन्दिरा गांधी द्वारा शुरू किया गया था . . . 
पर मोरारजी की बेबकूफी यहीं खत्म नहीं हुई . . . 
अगले हफ्ते PM मोरारजी की तब के पाकिस्तानी President, Zia- ul-Haq से हल्के-फुल्के अंदाज मे फोन पर बात हो रही थी, जिसमे उन्होने जिया-उल-हक़ को बताया की "भारत सरकार को मालूम
है आपके परमाणु बम के लिए Uranium Enrichment प्लान की पूरी जानकारी है". . 
बस वही चौंक गया पाकिस्तान . . . 
पूरे Kahuta इलाके से भारतीय RAW जासूसों की धड़-पकड़ और खत्म शुरू कर दिया गया . . . 
रातों रात बीसियों जासूस पकड़े गए . . . 
उनके साथ फिर क्या हुआ किसी को पता नहीं . . . . 
इस Operation Kahuta को खत्म करने का निर्णय और बड्बोलेपन मे इसका खुलासा पाकिस्तानी राष्ट्रपति से करने का मोरारजी देसाई जी की यह बेबकूफी हिंदुस्तान के लिए नासूर बन गयी . . . . 
नहीं तो पाकिस्तान के परमाणु कार्यकर्म को कब का तबाह कर देता RAW . . . . . 
नोट :- सारे तथ्य RAW के Declassified Files से लिए गए हैं . .

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