चौकीदार मुश्तैद है

एक बार एक शादी का बहुत विशाल VIP पांडाल लगा हुआ था,पांडाल के बाहर तीन कुत्ते खड़े होकर उसमे अंदर जाकर पेट पूजा करने की जुगत लगा रहे थे।परन्तू गेट पर खड़े दरबान और उनके लठ्ठो के कारण उनकी हिम्मत नहीं हो रही थी।
किसी तरह एक कुत्ता हिम्मत करके पांडाल में घुस गया,अंदर का नज़ारा भव्य था,मगर इससे पहले की उसकी नज़र खाने पीने के समान पर पड़ती उस पर दरबान की नज़र पड़ गई और दरबान ने मार मार डंडे उसका हलक सुखा दिया वो किसी तरह वहाँ से निकलकर उन कुत्तो के पास पहुँचा, दोनों कुत्तो ने उसे घेर लिया और अंदर की बाते पूछने लगे,कुत्ता अपनी बेज्जती छुपा उन्हें मज़ा आ गया,बहुत स्वादिष्ट खाना था ऐसा बोल दिया।
दूसरा कुत्ता अंदर गया हाल बिल्कुल वही रहा मगर उसने भी बाहर आकर झूँठ बोल दिया।
अब तीसरा कुत्ता अंदर गया,इस बार दरबान तीसरी बार कुत्ते को देखकर आग बबूला हो गए और उस कुत्ते की इतनी जमकर कुटाई की की वो मरणासन्न हो गया।
दरबार ने उसे बाहर फिंकवा दिया,दोनों कुत्तो ने उसकी हालात देखी तो अपनी भी सच्चाई बता दी।

दरबान जब मोदी जैसा हो तो कुत्तो की मज़ाल नहीं की वो भ्रष्टाचार की मलाई खा जाये।
वे एक दूसरे से अपनी पीड़ा छुपा सकते हैं परन्तु उनकी शक्ले उनका दर्द चींख चींख कर उनकी हालात बयाँ कर रही हैं।

जय नरेंद्र
जय भारत

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