मैं और मेरा मित्र
मेरे मित्र 2007 में एक इलेक्ट्रॉनिक शौरुम में गये। उसने वहाँ एक 32" का tv देखा और उसका दाम भी फिक्स करा लिया, परंतु शौरूम द्वारा गिफ्ट वाउचर साथ में ना देने के कारण मेरे मित्र ने वह tv नही खरीदा 10 साल बीत गए
अब हमें महसूस हुआ कि अब तो tv की बहुत जरूरत है,
मैं उसी शौरूम में गया, मैने 32" का ही tv पसंद किया,
लेकिन इन 10 सालो में वह tv अब LCD से LED और वो भी 4K तकनीक से युक्त था,
अभी जो शौरूम का मैनेजर है ,वो मेरा घनिष्ट मित्र है ,उसने मुझे उसी ब्रांड का tv जो अब LCD से LED और 4K तकनीक से युक्त हो चुका है,
जो विशेष रूप से लिमिटेड़ एडिशन थे,
आज की मार्केट प्राइस के हिसाब से भी बहुत कम कीमत में दिया।
जब मैं tv घर लेकर आया तो तुरंत मेरे मित्र ने 32" का tv देखकर बोले यह तो वही tv है ,जो मैंने 2008 में सौदा किया था।
मैंने पूँछ लिया ,सौदा किया था फिर लिया क्यों नही ..... मेरे मित्र जी चुप
लेकिन मेरे मित्र कहा मानते है, उसने कहा मैंने तो इसका सौदा 5 हजार में किया था, तुम तो 7 हजार में ले आये
बस मेरे मित्र को इतना ही पता है यह tv है और 32" का है, और कर दिया तमाशा खड़ा पूरे घर में, कि मैंने तो इसका सौदा इतने में किया था। ...
अब मेरे मित्र का और कुछ बस तो चलता नही, तो यदा कदा वक्त बेवक्त हंगामा खड़ा कर देता है।
बस मैं इतना सा पूँछ लेता हूँ,कि तुमने 10 साल पहले tv का सौदा किया, पर वह tv लिया क्यों नही ,तो मेरे मित्र की सिटी-पिटी गुम हो जाती है।
पात्र परिचय---
मेरे मित्र == राहुल गांधी
tv == राफेल
शौरूम== फ़्रांस
शौरूम का मैनेजर== फ्रांस के राष्ट्रपति
मैं खुद== नरेंद्र दामोदर दास मोदी🙏🏻
👆🏻बस यही है राफेल की कहानी दोस्तो
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