मोदी जी द्वारा गोधरा कांड को सफलता पूर्वक अंजाम देने के बाद सोनिया गांधी की अध्यक्षता में सन् 2011 को एक विधेयक पारित किया गया जिसका नाम है ""साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा निवारण विधेयक 2011"" । जिस विधेयक के अनुसार दंगाईंयो पर क्या क्या प्रावधान बने हैं, आईये संक्षेंप में जानते हैं।
#प्रावधान_नंबर 1 :- यह विधेयक दंगाईंयों को बहुसंख्यक एवं अल्पसंख्यक के आधार पर बाँटने का काम करता है। इस विधेयक अनुच्छेद - 8 अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणा का प्रचार अपराध मानता है। यदि अल्पसंख्यक हिन्दुओं के प्रति घृणा करें तो यह विधेयक उन्हे अपराधी नही मानता। याद रखिये इसी विधेयक की वजह से अल्पसंख्यक हम हिन्दुओं को गाली देकर या हमपर अत्याचार करके कोर्ट से छूट जाते हैं।
#प्रावधान_नंबर 2 :- इसी विधेयक के अनुच्छेद - 7 के अनुसार यदि हिन्दु मुस्लिम महिला का रेप करे तो वह अपराधी है, और यदि मुस्लिम हिन्दू महिला का रेप करे तो वह अपराध मुक्त है।
#प्रावधान_नंबर 3 :- इस विधेयक में अल्पसंख्यकों के साथ अनुसुचित जाति तथा अनुसुचित जन जाति को भी शामिल किया गया है। जिसे *समूह* का नाम दिया गया है। इस समूह पर किसी भी सरकारी कार्यवाही ना होने का आश्वाशन दिया गया है।
#प्रावधान_नंबर 4 :- इस विधेयक के आधार पर यदि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच दंगा हुआ तो कटघरे में सिर्फ बहुसंख्यक ही खडा किया जायेगा, जबकि अल्प संख्यक अपराधमुक्त माना जायेगा।
#प्रावधान_नंबर 5 :- इस विधेयक के अनुसार साम्प्रदायिकता वह है जो सेक्युलर ना बनकर कट्टर बने, यह नियम सिर्फ हिन्दू पर लागू होता है।
#प्रावधान_नंबर 6 :- विधेयक के उपबंध 74 के अनुसार यदि कोई हिन्दू साम्प्रदायिक दंगे में आरोपी पाया जाता है तो वह तब तक दोषी माना जायेगा, जब तक कोर्ट उसे निर्दोष करार ना कर दे। यह नियम अल्पसंख्यकों पर नही लागू होता। हिन्दू से मेरा मतलब बहुसंख्यक समाज से है।
#प्रावधान_नंबर 7 :- यदि किसी राज्य का हिन्दू कर्मचारी दंगे में दोषी पाया गया तो कटघरे में उस राज्य का मुख्यनंत्री भी आयेगा यदि वह हिन्दू है तो। क्योंकि वह अपने कर्मचारी को कंट्रोल में नही रख सका। मुसलमानों को कोई क्षति नही होगी।
#प्रावधान_नंबर 8 :- यदि किसी हिन्दु संगठन का कोई कार्यकर्ता दंगे में दोषी पाया गया तो उसका मुखिया भी आरोपी होगा। अल्पसंख्यकों के संगठन का कोई दोषी नही माना जायेगा।
#प्रावधान_नंबर 9 :- यदि किसी राज्य में दंगा हुआ और उस राज्य मे तुरंत राष्ट्रपति शासन लगा सकते है, बशर्ते उस दंगे में मरने वाला सिर्फ मुसलमान ही हो और मारने वाला हिन्दू हो।
#प्रावधान_नंबर 10 :- दंगे पर कार्यवाही करने वक्त जो समिति बैठेगी उनमे 7 मे से 4 अल्पसंख्यक होंगे। जिसमे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का अल्पसंख्यक होना अनिवार्य है।
#प्रावधान_नंबर 11 :- जो समिति बैठेगी दंगे पर निर्णय करने के लिये उन्हे इतना अधिकार है कि वह पुलिस और सशस्त्र बलों को अपने कंट्रोल में रख सकते हैं।
#प्रावधान_नॆबर_ 12 :- अनुच्छेद 13 के अनुसार सरकारी कर्मचारी दंगे के वक्त सिर्फ और सिर्फ अल्पसंख्यकों का साथ देगा भले ही वह दोषी क्युं ना हों। अल्प संख्यकों पर किसी भी तरह का जोर नही कर सकती पुलिस या कोई भी बल।
#प्रावधान_नंबर 13 :- यदि कोई अल्पसंख्यक दंगे के वक्त किसी हिन्दू के खिलाफ शिकायत दर्ज करता है, पुलिस तुरंत हिन्दू को गिरप्तार करेगी। वो भी बिना सबूत के। हिन्दु को अपनी बेगुनाही स्वयं साबित करनी होगी।
#प्रावधान_नंबर 14 :- इसके तहत पुलिस दंगे के दौरान किसी भी हिन्दु के घर की तालाशी बिना किसी सरकारी आर्डर के भी ले सकती है।
#प्रावधान_नंबर 15 :- इसमे धारा 81 मे कहा गया है कि यदि हिन्दू दंगे मे आरोपी पाया गया तो उसकी सम्पत्ति भी जब्त होगी।
#प्रावधान_16 :- इसके तहत यदि अल्पसंख्यक को कोई बहुसंख्यक अपने जमीन में शरण नही देता तो वह भी आरोपी होगा।
इस विधेयक को संक्षेप में लिखे हैं पूरा लिखते तो आप सब पढ नही पाते। ये तो रहा कांग्रेस का चाल हम हिन्दुओं को मुसलमान बनने पर मजबूर करने के लिये। प्रणव मुखर्जी ने कहा भी था कि यदि मोदी जी की सरकार सही समय पर नही आती तो देश बर्बाद हो जाता, उनका इशारा इसी तरफ था। अब तय हम सभी हिन्दुओं को करना है कि दंगा बचाने के लिये SC/ST ACT लाकर मोदी जी ने हमे बचाया है या मौत के मुँह में ढकेल दिया है ??? और सबसे बडी बात यह है कि इस दंगे में हिन्दु के साथ दलित भी मारे जाते। वैसे मंद बुद्धि के कहे जाने वाले दलितों का काम ही है बहकावे में आकर कट मर जाना। लेकिन हम तो बुद्धि जीवी हैं हमे तो मोदी जी का साथ देना चाहिये ??? थोडा लिखना ज्यादा समझना, बस इसी के साथ अपनी बात खत्म करता हूँ।
जय हिन्द
#जय_हिन्दुत्व🚩
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