*30 जनवरी नाथूराम गोडसे शौर्य दिवस*
पंडित नाथूराम गोडसे हाँ यही था वो हिन्दू वीर जिसने 400 लोगो के बीच दुरातमा गाँधी ( प्रायोजित राष्ट्रपिता) की हत्या की थी।
*पर विचार करे एक पंडित जोकि एक चींटी मारना भी पाप समझता हो उसने ये हत्या क्यो की?*
हमे पता ही नही क्योकि इतिहास हमसे छुपाया गया या बदला गया।
गाँधी ने भारत पाकिस्तान बटवारे के उस समय की मुसलिम आबादी के अनुपात मे 6 गुना अधिक भूभाग पाकिस्तान को दिया जिसमे आगे चलकर बांगलादेश भी बन गया।
बंटवारे मे हिन्दू हित से अधिक मुस्लिम हित पर जोर दिया गया। संयुक्त भारत का सबसे अधिक उपजाऊ भूभाग ( लाहौर के आसपास) पाकिस्तान को दिया जिसमे पांचो नदियों से लगी उपजाऊ भूमि अलग से है।
जब भारत पाकिस्तान का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ तब पाकिस्तान जा रहे मुसलमानों को क्यो रोका गया जो अब हिन्दूओ एवं देश के लिए खतरा बन चुके है ।
गाँधी के ऐसे ही सैकड़ो हिन्दू विरोधी फैसले उसकी मौत का कारण बने।
शहीद गोडसे को जब जज के सामने लाया गया तब वो शेर बोला *"मुझे अपने कर्म पर गर्व है "*
*क्यो झूठ बोलतें हो साहब*
*के चरखे से आजादी आई है।*
*हजारों झूल गये फांसी पर*
*तब जाके बहार आई है।।*
गाँधी शब्द ही सदी का सबसे बडा धोखा है जिसे आज भी कुछ राजनैतिक परजीवी बख़ूबी इस्तेमाल कर रहे हैं।
*गोडसे तेरा ये बलिदान कोई याद करे न करे पर हम जैसे " पागल " लोगो के दिलो में तुम हमेशा अमर रहोगे ||*
*#जय हिंद*
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